आज मेरी नहीं कल तेरी नहीं

::: आज मेरी नहीं कल तेरी नहीं :::

आज राजा है कल रंक हो जायेंगे
हराम की दौलत कब तक पचायेंगे
जग गया नौजवॉं बिहार का
शामत आने वाला है आपका
बचा न पायेगी अब आपको लुगाई
बेहतर है उगल दीजिए सच्चाई
घोटाले से जिसने भी दौलत कमाई
उड़ी है नींद उसकी हो रही जग हॅंसाई
लक्ष्मी तो किसी की चेरी नहीं
आज मेरी नही! कल तेरी नही!

काषीनाथ शर्मा
बड़ी खगौल ब्रहा्रस्थान
खगौल, पटना।