Sepak Takraw game of Malaysia in patna bihar

Like Biharplus Official Page on Facebook – biharplus facebook official page

designing services in patna, website designing work in patna, creative services in patna, patna designing house, brochure designing work in patna, brochure designing work in new delhi, advertisement designing in new delhi, advertisement desinging in patna

Contact us for Designing services of Print, web, flash presentations, emailer, brochure designing. visit our website www.octopusinc.in

wedding photographer in patna, wedding photographer in new delhi, freelance wedding photographer in patna, freelance wedding photographer in new delhi, wedding photographer in bihar, bihar wedding photographer, bihar freelance wedding photographer, commercial photographer in patna, commercial photographer in bihar

We provide Pre wedding, post wedding and wedding photography services in patna and new delhi. Click on the Banner to see our work.

सेपक टाकरा: चर्चित नहीं, लेकिन है रोमांचक खेल

पटना, 16 जून 2013 | ‘सेपक टाकरा’ खेल क्रिकेट, फुटबॉल या अन्य चर्चित खेलों के तरह भारत में भले ही बहुत लोकप्रिय खेल न हो, परन्तु यह खेल किसी भी खेलों से कम रोमांचक नहीं माना जा सकता है | यकीन न आये तो एक बार ज़रूर देखें | दरअसल, सेपक टाकरा खेल का जन्म पूर्वी एशिया के मलेशिया में हुआ |

भारत में सेपक टकरा का पदार्पण :
भारत में इस खेल का आगमन सन 1980 में हुआ | एस. डब्ल्यू. धावे जो सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ साथ राज्यसभा सांसद थे | उन दिनों ही श्री धावे के ही नेतृत्व में भारतीय सांसदों का एक दल थाईलेंड गया था | वहीँ श्री धावे को इस खेल को देखने का अवसर मिला | यह खेल उन्हें इतना रोमांचित किया कि भारत लौटते ही ‘सेपक टाकरा फेडरेशन ऑफ इण्डिया’ का गठन करवाया | फेडरेशन के प्रथम अध्यक्ष भी श्री धावे ही बनाये गए | इसका मुख्यालय नागपुर रखा गया | हाल ही में, यानि अप्रैल , 2012 में फेडरेशन मुख्यालय नागपुर से दिल्ली स्थान्तरित कर दिया गया | इसके वर्तमान अध्यक्ष एस. प्रेम राज तथा महासचिव योगेन्द्र दहिया हैं |

शारीरिक शिक्षा के सिलेबस में इस खेल को सर्वप्रथम नागपुर विश्वविद्यालय ने शामिल किया | यहीं से भारत की सेपक टाकरा टीम तैयार हुई | पहली बार 1981 में एक शो मैच नागपुर में हुआ , वहीँ 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की पहल पर दिल्ली के जरनैल सिंह स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय मैच का आयोजन किया गया |

बिहार में सेपक टाकरा का आगमन :

Sepak Takraw game of Malaysia in patna bihar at Coconut Park of P.C.Colony Kankarbagh

सन 83 – 84 में बिहार से एक छात्र विजय कुमार शर्मा नागपुर शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय में अध्ययनरत थे | श्री शर्मा इसी महाविद्यालय से सेपक टाकरा खेल से जुड़े और पहली बार 1984 में राष्ट्रीय टीम में शामिल हो हुबली , कर्णाटक में आयोजित मैच खेला |

Sepak Takraw game of Malaysia in patna bihar at Coconut Park of P.C.Colony Kankarbagh

पढाई पूरी करने के बाद वापस बिहार आये | कुछ ही दिनों बाद बतौर शारीरिक शिक्षक गंगा देवी महिला महाविद्यालय , पटना में उनकी नौकरी लग गई | यहीं से इन्होनें बिहार में इस खेल को मजबूती देना शुरू किया | सन 1999 में उन्होंने राज्यस्तरीय बिहार टीम का गठन किया | बिहार सेपक टाकरा एशोसियेशन भी बनाया और फेडरेशन से मान्यता प्राप्त किया | अपने मेहनत और बेहतर प्रदर्शन के बदौलत, आज बिहार टीम भारत के शीर्ष आठवें सूची में शामिल है | बिहार टीम पहली बार सन 2000 में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप मैच दिल्ली में खेली थी और दूसरी बार उज्जैन में | इसके बाद तो मानो सिलसिला ही चल पड़ा | बिहार टीम कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मैचों में लगातार अपना परचम लहरा रही है | सेपक टाकरा खेल बिहार में तेज़ी से फ़ैल रही है | कई जिलों में भी जिला स्तरीय टीम तैयार हो चुकी है , जैसे पटना , बक्सर , मुंगेर , वैशाली , जमुई , रोहतास , अरवल , सीतामढ़ी आदि |


बिहार में सेपक टाकरा खेल के सूत्रधार प्रो. विजय कुमार शर्मा हैं | वे सन 2000 से गंगा देवी महिला महाविद्यालय के आलावा पटना के पी. सी. कॉलनी में अवस्थित कोकोनट पार्क में बच्चों को निजी कोच भी देते हैं | इस कोचिंग में इनके सहयोगी रामाकांत हैं |
ज्ञातव्य हो कि पटना की सेपक टाकरा राष्ट्रीय चैम्पियनशिप खिलाडी नमिता सिन्हा को इसी खेल के बदौलत बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में खेल कोटे पर नौकरी मिली है | बातचीत में नमिता ने बताया कि आगामी आयोजित एशियाड में बिहार की टीम भी खेलेगी | बिहार से राष्ट्रीय स्तर के खिलाडीयों में रामाकांत , नमिता सिन्हा एवं संजू सिन्हा का नाम शुमार है |

namita sinha Sepak Takraw game of Malaysia in patna bihar at Coconut Park of P.C.Colony Kankarbagh

Namita Sinha

कैसे खेलते हैं इस खेल को ?
सेपक टाकरा में तीन खिलाडी होते हैं | 20 फिट चौड़ी और 40 फीट लंबी कोर्ट के मध्य 20 फीट लंबी और 2 फीट चौड़ी नेट लगी होती है | नेट से सटे दायीं ओर 90 डीग्री के कोण में एक पास ऑन खिलाडी होते हैं और बीच में बने वृत्त में टेक ऑन खिलाडी होते हैं | पास ऑन टेक ऑन को बॉल देते हैं | टेक ऑन उसे सामने विरोधी टीम की तरफ नेट से ऊपर उछाल कर पास करते हैं | इस खेल में हाथ फ़ाल्स होता है | केवल सर , पैर और कन्धों के सहारे ही इसे किक किया जाता है |
<img src="http://www.biharplus.in/wp-content/uploads/2013/06/DSC04748.jpg" alt="Sepak Takraw game of Malaysia in patna bihar at Coconut Park of P.C.Colony Kankarbagh" title="DSC04748" width="600" height="338" class="alignleft size-full wp-image-8334" />

खास बनाबट में बॉल :
Sepak Takraw game of Malaysia in patna bihar at Coconut Park of P.C.Colony Kankarbagh
सेपक टाकरा का बॉल भी एक खास बनाबट में बनी होती है | फाइबर मेटेरियल से राउंड सेप में 24 स्ट्रेप और 12 होल बने होते हैं | यह बॉल पहले बेंत का बना होता था | अभी तक यह बॉल केवल मलेशिया में ही बनती है | भारत में यह बॉल फेडरेशन के माध्यम से उपलब्ध हो पाता है | भारतीय बाजार में अभी तक उपलब्ध नहीं है |

(बिहार के लोकप्रिय न्यूज़ पोर्टल बिहार प्लस डॉट इन के मोडरेटर अमित कुमार के साथ खोजी युवा पत्रकार रविराज पटेल ने लिया जायजा)