Jab Hausla Buland ho rajesh kumar

जब हौसला हो बुलंद तो हिम्मत हारे क्यों हम-राजेश कुमार

भौजपुरी फिल्मों की दुनिया एक अलग ही इतिहास बनाती है चाहे कोई कलाकार, गीतकार,संगीतकार या इनसभी के मुखिया निर्देशक ही क्यों न हो सिर्फ चाह कुछ करने की होनी चाहिए I आज हम एक ऐसे कलाकार की बात कहने जा रहे हैं जिन्होंने बहुत ही काम उम्र में कुछ कर गुजरने का सपना लिए मुम्बई की ओर चल पड़ा और आज एक सफल फिल्म निर्माता और निर्देशक होने के साथ साथ एक अच्छे व्यावसायिक भी हैं I ढाका गांव जिला मोतिहारी(बिहार) के रहने राजेश कुमार का सपना शुरू से ही कला के प्रति रहा I अपने शिक्षा के दौरान अभिनय का शौक रखने के साथ निर्देशक भी बनने का एक जुनून सा सवार था I अपनी फ़िल्मी दौर की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में किया I अपने जीवन की पहली हिंदी फिल्म रामु काका,सनसनी जिनमे मुख्य अभिनेता एवम भोजपुरी फिल्म “गंगा मैया जइसन भौजी हमार” के लिए सह-निर्माता के रूप में काम किये और लेखक,निर्देशक एवम निर्माता के रूप में भोजपुरी फिल्म जो बहुत जल्द ही प्रदर्शित होने वाली है जिनमे ”हमरा तोह से प्यार भइल बा”,लाल चुनरी,चल रे चिरैयां अपना देश एवम मैं के करेजवा सामिल हैं I भोजपुरी की पहली ग़ज़ल संध्या “चन्दन सिंह लाइव ” के लिए प्रोग्राम निर्देशक भी रहें इसके अलावा “डांस बिहार डांस”, बिहार के सुरताज़, टेली-फिल्म पंचायती राज़ एवम शिक्षा अभियान शामिल है I राजेश जी आज वर्तमान में अपनी खुद की फिल्म कंपनी रागेश्री के मालिक भीं हैं I