Lalka Gulab released on Youtube

फिल्म निर्देशक अमित मिश्र की शॉर्ट-फिल्‍म, ललका गुलाब , जिसका लोग कई महीनों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, बृहस्पतिवार को राजधानी में रिलीज़ की गयी। फिल्म की कहानी दादा-पोते के रिश्ते को दिखाने के साथ दादा का अपनी स्वर्गीय पत्नी के प्रति अटूट प्रेम को भी दिखाती है।

जनता, खासकर भोजपुरी-भाषी समाज, को ऐसी फिल्म की ज़रूरत काफी समय से थी, जिसे पूरा परिवार साथ बैठ कर देख सके। गौरतलब है, कि फिल्म की पूरी शूटिंग बिहार में ही की गयी है।

कठिनाइयां आतीं हैं लेकिन वो मायने नहीं रखतीं, मायने रखता है तो सिर्फ परिणाम। टीम ललका गुलाब की आठ महीनों की लंबी तपस्या तब सार्थक होती दिखी जब रिलीज़ होते ही फिल्म के यूट्यूब व्यूज़ की संख्या 1,000 के आंकड़े को पार कर गई।

फिल्म के बारे में

भोजपुरी फिल्मों में पसरी गंदगी से परे एक ईमानदार कोशिश है ललका गुलाब। भोजपुरी फिल्मों ने सबके मन में एक छवि बना दी है कि भोजपुरी सिनेमा में सिर्फ हिंसा, नग्नता और द्विअर्थी संवाद ही होता है। अब इसके पीछे के कारण को भोजपुरी भाषियों की अपनी भाषा व संस्कृति के प्रति उदासीनता कहें या अवसरवादी निर्माताओं की मनमानी, दोनों ही बातें पूरी तरह से मान्य हैं। इसी माहौल में मैं पिछले 7 सालों से घुट-घुटकर जी रहा था लेकिन तब मैं जानता नहीं था कि इसे कैसे ठीक करें। पढ़ाई के दौरान ही मन में एक बात बैठ गई थी कि अश्लील भोजपुरी फिल्मों व द्विअर्थी गीत-संवादों से बनी छवि मेरी मातृभूमि बिहार और मातृभाषा भोजपुरी की असल छवि नहीं है।

निर्देशक – अमित मिश्र