Saving life of Kids – Babita Modgil

मासूम बच्चियों की ज़िन्दगी बचाने का प्रयास है – बबिता मोडगिल

दुनिया में ऐसे ऐसे अपराध ने जन्म ले रखा है जिसे सुनकर इंसानी अंतरात्मा काँप जाती है । मीडिया , प्रशासन और राजनेताओं द्वारा अपराध को जड़ से समाप्त कर देने के बड़े बड़े दावे निरर्थक साबित हो जाते हैं । लेकिन इंसान का स्वभाव हार नही मानता और ऐसे घिंघौने अपराध के खिलाफ जंग जारी रहती है ।
इस जंग में सिनेमा भी अपनी अहम् भूमिका निभाते हुए जनता में जागरूकता पैदा करता है ।

भले ही सिनेमा मनोरंजन का माध्यम होता है मगर कुछ निर्भीक साहसी फ़िल्मकार रीयलिस्टिक सिनेमा बनाकर जघन्य अपराधों का पर्दाफाश करते हैं । ऐसे में एक महिला फ़िल्मकार बबिता मोडगिल ने देश में व्याप्त बाल वेश्यावृत्ति पर 90 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ” सडेन क्राय ” बनाकर अदम्य साहस का परिचय दिया है और इस काम को अंजाम देने में एक और जुझारू फ़िल्मकार पंकज पुरोहित जिन्होंने देश विदेश का भ्रमण कर नेशनल और इंटरनेशनल सिनेमा का गहन अध्ययन किया है , उन्होंने बबिता की हौसलाअफजाई किया ।

हिमाचल प्रदेश के अम्बा की बबिता ने दिल्ली में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद फिल्म मेकिंग की ओर अपने कदम बढाए । आयशा फिल्म के प्रोडक्शन टीम में काम कर बबिता ने फिल्म मेकिंग का अनुभव हासिल किया ।

दिमाग़ी तौर पर सोचने को मजबूर कर देने वाली और सामाजिक कुरीतियों को परास्त कर देने वाली फिल्मों से बबिता प्रभावित होती रही है ।
हॉलीवुड फिल्ममेकर कुबरिक की इंटिलेक्चुएल फिल्म और संजय लीला भंसाली की कलरफुल फिल्मों ने भी बबिता को हमेशा आकर्षित किया है ।
किताबों और समाचारों में गहरी रुचि रखने वाली बबिता को जब बाल वेश्यावृत्ति के बारे में पता चला तो वह इसे और करीब से जानने के लिए आतुर होती चली गई और कई ऐसे जगहों पर गयी जहाँ दलालों के चंगुल में फंसकर सैकड़ों मासूम बच्चियाँ दर्दनाक जीवन व्यतीत कर रही हैं इसमें सफेदपोश लोग भी लिप्त पाये गये । बच्चियों के सिसकियों के साथ बबिता का गला भी भर आया और उसने इसे फिल्म के माध्यम से समाज के सामने लाने के लिए दृढ़ संकल्प किया । इस तरह सडेन क्राई बनी । इस फिल्म की शूटिंग के लिए बबीता और पंकज रियल लोकेशन पर जाकर कई दृश्य शूट किए जिसे देखकर दर्शक अवाक रह जायेंगे ।
बबीता ने अपने साहसिक प्रयास से समाज के भीतर छिपी गन्दगी को उजागर किया है और यह कहानी पूर्ण रूप से वास्तविक है ।
ऐसे साहसी फ़िल्मकार को समाज , मीडिया , प्रशासन और महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं का समर्थन मिलना चाहिए ।

Saving life of Kids - Babita Modgil

Saving life of Kids - Babita Modgil