Maa Thawe wali Gopalganj थावेवाली माई

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Thawe Temple in Gopalganj, Bihar, is a very famous pilgrimage and much revered sacred place of Maa Thawe wali. This place features very prominently as religious tourist place among Bhojpuri people but if a right kind of publication and campaign is done this can become a very attractive religious place on Tourists Map of India.

About Thawe wali Maa

The Goddess Maa “Shakti” is the “Supreme power” which saturates the entire of the universe, and from which the Universe has emanated. There is nothing in the world, which is not “Shakti” in its essence. “Shakti” is the Great Mother of the Universe. Maa fights and vanquishes the evil forces to protect her Bhaktas (Devotees). She is always on the lookout for ways and means of helping her Devotee. Maa is very “Karunamayi”, “Kripalu” and “Dayalu” (Kindhearted).

There are several names and forms of “Maa Shakti”. Bhaktas (devotees) worship her by many names in many forms, “Maa Thawewali is one of them. There are 52 “SHAKTIPITHAs” in all over India, this place also as like as “SHAKTIPITHA”.

The holy place of “Maa Thawewali” is situated in “Thawe” in Gopalganj District in Bihar, INDIA. Maa has arrived here from his another holy place Kamrup, Assam where she well known as “Maa Kamakhya”, on the prayer of her great devotee “Shree Rahshu Bhagat”. Maa also known as “Singhasini Devi”. “Thawewali Maa” is very “dayalu” and “bhaktavatsal”. No one has come empty handed from Maa’s temple. Maa has always answered the prayers of her devotees.

The time of Morning “Aarti” – between 5:00 to 7:00 am and in Evening 7:00 pm (depends on season). Devotees worship maa with “Laddo”, “Peda”, “Narial” & “Chunari”.

Two days in week Monday and Friday are very important for worshiping to make pleased Maa. On these days Devotees gathered and worship Maa in large number in comparison to other days. The special “Mela” is organized during two times in year, in the month of “Chaitrya” (March) and “Ashvin” (October) on the great occasion of “Navratra”.

Maa has given each one of her devotees what they deserve to get. Maa needs no expensive preparation from us. She needs few inexpensive and common things. Maa needs nothing from her devotees except few things like devotion (Bhakti), pureness (Pavitrata), and love. Greatness and miracles of Maa needs no description in words it is an invaluable experience of an individual who has to experience it in their own SHARDHA and BHAKTI.

maa thawe wali

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जय थावेवाली माई की !

बिहार प्रान्त के गोपालगंज शहर से मात्र ६ किलो मीटर के दुरी पर सिवान जायेवाला राजमार्ग पर थावे नाम के जगह बा ओहिजा माई थावेवाली के बहुत प्राचीन मंदीर बा | माई थावेवाली के सिंहासिनी भवानी, थावे भवानी और रहषु भवानी भी कहल जाला |
कामरूप (असम) जहा कामख्या देवी के बड़ा प्राचीन और भव्य मंदीर बा माई उहा से थावे अईली एही से माई के कावरू-कामख्या देवी के नाम से भी जानल जाला | थावे में माई कामख्या के बहुत सच्चा भक्त रहषु जी रहनी लेकिन उहा के तत्कालीन राजा मनन सिंह का ई बात में विश्वास ना रहे आ रहषु भगत जी के ढोंगी समझत रहलन | एक दिन राजा मनन सिंह अपना जिद्द पर अड़ गईलन आ रहशु भगत जी के चुनौती दहलन के अगर तू देवी
के असली भगत होख्बा ता अभी देवी के बुलाके देखाव नाता तोहरा के दंड दिहल जाई | रहषु जी के बार-बार समझावाला पर भी राजा मनन सिंह ना मनले , अब रहषु जी के लगे माई के बुलावाला के अलावा कवनो रास्ता ना रहे | रहषु जी माई के सुमिरन कईनी माई कामख्या स्थान से चलली आ कलकाता , पटना, आमी होते हुवे थावे अईली आ साक्षात दर्शन देहली | राजा मनन सिंह के राज-पाट सहित अंत हो गईल |
माई जहा दर्शन देहली ओहिजा उहा के मन्दिर बा | रहषु भगत जी के मन्दिर भी ओहिजा लगले बा | माई के दर्शन के बाद रहषुजी के भी दर्शन करे के चाही तबे माई खुश होखेली | आस-पास में राजा मनन सिंह के महल के खँडहर भी बा |
माई बहुत दयालु आ कृपालु हई अपना शरण में आइल सभकर कल्याण करेली | हर शुख-दुःख में लोग माई के शरण में जाला आ माई केहू के भी निराश ना करेली सभकर मनोकामना पुरा करेली |
केहू का घरे शादी-वियाह होखे तबो लोग माई के आशीर्वाद लेबे जाला, कवनो दुःख-बेमारी होखे तबो लोग मई के शरण में जाला, केहू का कवनो गाड़ी-घोड़ा किनाला ता पहिला पूजा माईकीहा ही होला | माई हर घड़ी आ हार शुख दुःख में आपना भगतन पर करुना आ ममता के छाह राखेली सभकर मंगल करेली |
देश-विदेश में रहेवाला लोग भी जब साल-दूसाल पर अपना घरे आवेला तब ओकरा सभी काम के सूची में थावेवाली माई के दर्शन एक नम्बर में रहेला |
लेकिन एगो अफ़सोस एह बात के बा की आतना महत्व के बावजूद एह स्थान के विकास जेतना होखे के चाही नइखे भईल | आम जनता और प्रशासन के मिलजुल के एह स्थान के समुचित विकास के कोसिस करे के चाही ताकी माई के स्थान विश्व के मानचित्र पर अगो महत्बपूर्ण दर्शानिये स्थल बन जावे |
माई के महिमा के गुणगान विश्व भर में करे खातिर हम एगो वेबसाइट बनवले बानी www.jaimaathawewali.com , एहा से माई के कथा , कैसे पहुँची माई के दुवारी, आरती , स्तुति और भी बहुत जानकारी लेहल जा सकेला , साथे-साथे एह विषय पर रउरा आपन विचार भी व्यक्त कर सकिले |
जय थावेवाली माई की !
रउरा सभे के ….
अजित कुमार तिवारी
www.jaimaathawewali.com
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(थावे के एगो मिठाई बड़ा प्रसिद्ध हां जवना के पिदुकिया कहल जाला, शुध देशी घिव में बनेला, ई मिठाई असली ओहिजा मिलेला , वास्तव में बड़ा स्वादिष्ट लागेला | एह मिठाई के प्रसिधी बहुत दूर-दूर ले भइल जाता कुछ और जगह भी अब मिलल सुरु हो गईल बा बकीर जवान स्वाद थावेवाला पिदुकिया के बा ऊ कही और नइखे )

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