Aware and Act Now for Your Planet

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इन 15 तस्वीरों को देखने के बाद आप स्वच्छता से लेकर Recycle के प्रति सचेत हो जायेंगे

आज बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की सांसें दूषित कर दी हैं. सिर्फ़ भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व का हाल बेहाल है. आये दिन लोगों को स्वच्छता के प्रति सचेत करने के लिए जागरूक अभियान चलाये जाते हैं. बीते दिनों चीन में इतना प्रदूषण हो गया था कि वहां कई दिनों तक लोग सूरज की रौशनी को तरसते रहे.

हमने बड़ी-बड़ी कम्पनियों का निर्माण किया है, लेकिन हमारी मानसिकता आज भी कहीं न कहीं पीड़ित ही है. सड़कों पर गाय प्लास्टिक का सामान खाने को मजबूर हैं. ज़मीन खत्म होती जा रही है. वातावरण में आक्सिजन का लेवल गिरता जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर लोगों का रहन-सहन (लिविंग स्टैंर्ड) हाई-फाई होता जा रहा है. ऐसे हाई-फाई लाइफ़ स्टाईल का क्या करें, जिसका नुकसान एक को नहीं बल्कि सबको होता हो.

हम यहां आपको कुछ तस्वीरें दिखाने जा रहे हैं, जिनमें आपका कहीं न कहीं ज़रूर योगदान रहा होगा. नदियों को नाला बना दिया गया है, पवित्रता की आड़ में पर्यावरण का बेड़ा गर्क होता जा रहा है. गर आप सड़क पर कूड़ा नहीं फेंकते हैं, गर आप कुछ अन्य हिदायतें भी अपनाते हैं, तो भी आप, मैं और वो सब जो सब जानकर भी अनजान हैं, कहीं न कहीं दोषी हैं इस दुनिया के.

1. कूड़े ने जब सब कचरा कर दिया

2. नहाने के लिए मय्यसर नहीं है पानी

Source: YFFINDIA

3. मजबूर हैं जो, उनकी मजबूरी हम से है.

4. नदी है या नाला?

5. यमुना के हुए हाल बेहाल

Source: Thehindu

6. पवित्रता का भुगतान करना पड़ेगा

Source: businessinsider

7. परिंदों ने जब अपने सर ली आफ़त

8. मानव की करतूत का अमानवीय अंश

9. गिरवी मिलती है इस शहर में सांसें

10. ये पानी नहीं, कुछ और सा लगता है.

11. एक ऐसा शहर जो धुएं के ऊपर बसा है

12. ये नफ़रत है प्रकृति के प्रति

Source: Dailymail

13. Egpyt का एक चित्र

Source: Monitor

14. ये गंगा का किनारा है, या किसी नाले का मंज़र?

Source: Nationalgeographic

15. ये किसके घाट हैं?

Source: huffingtonpost

भारत की ज़मीन से लेकर नदियों और आसमान में फैला धुआं इस बात का प्रमाण है, कि यहां लगातार प्रदूषण अपने पैर पसारता जा रहा है, हालांकि इसे लेकर काम किया जा रहा है पर Self Regulate होने की ज़रूरत ज़्यादा है.

विशेष नोट (जनता और अपने लिए): दोषियों को सज़ा मिलेगी, धीरे-धीरे वो सांसे खरीदने लगेगें. वो (इंसान) नहीं जानते कि अपने स्वार्थ में वो सबका नुकसान कर रहे हैं. क़ायनात ने सबके लिए सज़ाएं तय कर रखी हैं, संभल जाओ, सुधर जाओ वरना करारा जवाब मिलेगा.

Source: yourtango and Gazabpost